(20+) Best Aashiqui Shayari - आशिक़ी शायरी इन हिंदी

Aashiqui Shayari /  आशिक़ी शायरी

आशिकों की जिन्दगी में

चैन नहीं बेचैनी है

ये हम नही बेचारे महोदय

खुद कहते हैं !!


जो मोहब्बत तुम्हारे दिल में है

उसे जुबां पर लाओ

और बयां कर दो आज बस तुम

कहो और कहते ही

जाओ हम बस सुनें ऐसे

बेज़ुबान कर दो !!


आदत है या तलब

इश्क है या चाहत

तू दिल मे है या साँसों मे

तू दीवानगी है या मेरी आशिकी

तू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सा

पर जो भी है सिर्फ तू है !!


तेरे शहर में आके बेनाम हो गए

तेरी चाहत में अपनी मुस्कान को खो गए

जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे की

जैसे तेरी आशिकी के गुलाम ही हो गए !!


एक आदत सी हो गयी है चोट खाने की

भीगी हुए पलकों संग मुस्कुराने की

काश अंजाम वफ़ा का पहले ही जानते

तो कोशिश भी नहीं करते दिल लगाने की !!


कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको

चलो ऐसा करो भूला दो मुझको

तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये

दिल की गहराई से ऐसी

दुआ दो मुझको !!


झुकाया तुने झुके हम बराबरी ना रही

ये बन्दगी हुई ऐ दोस्त आशिकी ना हुई !!


मेरी नजरों से पूछ तेरी आशिक़ी

की हद क्या है

जरा करीब से देख इनमें तेरी तस्वीर

की गहराई क्या है !!


आदत है या तलब

इश्क है या चाहत

तू दिल मे है या साँसों मे

तू दीवानगी है या मेरी आशिकी

तू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सा

पर जो भी है सिर्फ तू है !!


हमें भी याद रखें जब लिखों

तारीख गुलशन की

की हमने भी लुटाया है चमन में

आशियां अपना !!


वक़्त जब बुरे थे तब तुम थे मेरे साथ

अगर आज मेरे अच्छे वक़्त में तुम नही रहोगे

तो क्या करूँगा ये अच्छे वक़्त का !!


जन्नत-ए-इश्क मैं हर बात

अजीब होती है

किसी को आशिकी तो किसी को

शायरी नसीब होती है !!


मैने ईश्क करने का मिजाज बदल दिया है

अब तो बस तन्हाईयों से आशिकी करते हैं !!


समुंदर बहा देने का जिगर

तो रखते है लेकिन

हमें आशिकी की नुमाइश की

आदत नहीं है दोस्त !!


न खबर होगी तुम्हे मेरी आशिकी की

सुना है सांसो की हद सिर्फ मौत होती है !!


ना चाँद अपना था और ना तू अपना था

काश दिल भी मान लेता की

सब सपना था !!


गज़ब की आशिकी है

तेरी इन निगाहो में

जब भी देखती है डूबने को

मजबूर कर देती है !!


इतना करुगा मुहब्बत के तू खुद कहेगी

देख वो मेरा आशिक जा रहा है !!


मैं आशिक हूं दिवाना क्या

बिगाडे़गा मेरा जमाना

सबको सिखा दूंगा प्यार करके

प्यार को निभाना !!


हुस्न वालों की नियत

जबसे खराब हो गई

जिन्दगी आशिकों की तबसे

बर्बाद हो गई !!


हमारे जख्मो की वजह भो वो है

हमारे जख्मो की दवा भी वो है

नमक जख्मो पे लगाये भी तो किया हुआ

मोहब्बत करने की वजह भी तो वो है !!



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